उत्तरकाशी-जनपद में बढ़ती वन अग्नि की घटनाओं के रोकथाम के लिए विकासखंडों में 6 दिवसीय मॉकड्रिल प्रशिक्षण,फायर सीजन शुरू होते ही जंगलों की आग बनी वन विभाग के लिए चुनौती - PiyushTimes.com | Uttarkashi News

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Saturday, March 7, 2026

उत्तरकाशी-जनपद में बढ़ती वन अग्नि की घटनाओं के रोकथाम के लिए विकासखंडों में 6 दिवसीय मॉकड्रिल प्रशिक्षण,फायर सीजन शुरू होते ही जंगलों की आग बनी वन विभाग के लिए चुनौती

उत्तरकाशी-जनपद में बढ़ती वन अग्नि की घटनाओं के रोकथाम के लिए विकासखंडों में 6 दिवसीय मॉकड्रिल प्रशिक्षण,फायर सीजन शुरू होते ही जंगलों की आग बनी वन विभाग के लिए चुनौती



-:वन विभाग और जिला प्रशासन को मॉकड्रिल पर ही भरोसा




उत्तरकाशी।।जनपद में फायर सीजन शुरू होते ही लगातार बढ़ रही वनअग्नि घटनाओं के रोकथाम के लिए जिलाधिकारी  प्रशांत  आर्य के निर्देश एवं प्रभागीय वन अधिकारी डी पी बलूनी के नेतृत्व में मॉकड्रिल अभ्यास का आयोजन वन विभाग के अधिकारियों एवं कार्मिकों के लिए  06 मार्च से 11 मार्च 2026 तक जनपद के विभिन्न विकासखण्डों (भटवाड़ी, चिन्यालीसौड़, मोरी, पुरोला एवं नौगांव) में किया जाएगा ।वहीं कल 06 मार्च  को विकासखण्ड भटवाड़ी  में मॉक ड्रिल अभ्यास का आयोजन किया गया  मॉक अभ्यास में  विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कार्मिकों द्वारा वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों गंगोत्री,टकनौर, बड़ाहाट,भूमि संरक्षण वन प्रभाग, गंगोत्री नेशनल पार्क एवं वन निगम को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक रूप से महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई  कि यदि जंगलों में आग लगती है तो  कैसे रोकथाम करनी है। मॉक अभ्यास में वन विभाग के 83 अधिकारियों एवं कार्मिकों सहित अन्य विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।





जनपद के गंगा और यमुना घाटी के जंगलों में इन दिनों वन अग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ रही है जिससे लाखों की वन संपदा नष्ट हो रही है और वन्यजीवों के जीवन पर भी खतरा मंडरा रहा है हालांकि वन विभाग और अन्य सहयोगी विभाग वनों की आग को काबू करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन आग इतनी ज्यादा बढ़ रही है कि वन विभाग के आग बुझाने में हाथ पांव फूल रहे हैं वहीं वन अग्नि की घटनाओं को देखते हुए जिला अधिकारी ने सभी विकासखंडों में 6 दिवसीय मॉक अभ्यास के लिए  आदेशित  किया है ताकि  प्रशिक्षण देकर वनों की आग को रोका जा सके।अब देखना होगा कि मॉक अभ्यास कितना कारगर साबित होता है।




जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मास्टर ट्रेनर मस्तान भंडारी ने क्यूआरटी के सहयोग से आपदा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी, सैटेलाइट फोन की उपयोगिता एवं संचालन विधि तथा खोज एवं बचाव उपकरणों के बारे में जानकारी दी।एसडीआरएफ के मुख्य आरक्षी दुर्गेश रतूड़ी ने वनाग्नि के दौरान घायलों के रेस्क्यू तथा उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के तरीकों के बारे में बताया।पुलिस संचार विभाग के मुख्य आरक्षी दिग्विजय सिंह ने जंगलों में वायरलेस सेट के माध्यम से सूचना संप्रेषण तथा उनके इंस्टॉलेशन के बारे में जानकारी दी।फायर सर्विस के आरक्षी संजय कुमार ने घरेलू आग एवं वनाग्नि की घटनाओं के बारे में जानकारी देते हुए वन संपदा को बचाने के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों के प्रयोग की जानकारी दी।




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