उत्तरकाशी-धधक धधक रहे जंगल,वनों की आग पर काबू पाने में सिस्टम नाकाम साबित,वनों की आग के कारण पहाड़ी से पत्थर की चपेट में आया युवक घायल
उत्तरकाशी।। जनपद में गंगा और यमुना घाटी के जंगल भीषण आग की चपेट में है।फायर सीजन फरवरी से शुरू हो गया है मॉकड्रिल भी हुई और अब जनपद के विकासखंड स्तरों पर आपदा स्वयंसेवकों ,वन कर्मियों का मॉकड्रिल प्रशिक्षण शुरू हो रहा है पूर्व में 18 फरवरी को जनपद मुख्यालय में बड़े स्तर पर मॉकड्रिल हुई थी कि कैसे वनअग्नि की घटनाओं को रोका जा सकता है लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह वन विभाग और जिला प्रशासन का दिखावा है वनों की आग पर काबू पाने में नाकाम साबित हो रहा सिस्टम बड़े स्तर पर वन संपदा नष्ट हो रही है वन्य जीवों के जीवन पर खतरा मंडरा रहा है।बात करें तो विगत तीन-चार दिनों से जनपद मुख्यालय के नजदीक मुखेम रेंज के जंगल धूं धूं कर जल रहे हैं लेकिन इस आग पर काबू पाने में वन विभाग नाकाम साबित हो रहा है।
वही आज भटवाड़ी तहसील के अंतर्गत गणेशपुर के ऊपर जंगलों में भीषण आग लगी है। जिसके कारण पत्थर गिरने से पत्थर की चपेट में एक 28 वर्षीय युवक आ गया जो घायल हुआ है घायल युवक को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया है घायल का नाम मयंक पंवार पुत्र महेश पंवार लाटा भटवाड़ी निवासी है।वहीं बाद में आपदा प्रबंधन की ओर से सूचना मिली कि उक्त घायल युवक की उपचार के दौरान जिला अस्पताल में मृत्यु हो गई।
जिलाधिकारी ने आदेश जारी किया है कि जनपद के विकासखंड स्तर पर कल 6 मार्च से विभिन्न तिथियों में आपदा स्वयं सेवक,वन कर्मी ,पुलिस, फायर सर्विस सहित अन्य कर्मियों का मॉकड्रिल अभ्यास प्रशिक्षण किया जाएगा ताकि वनों की आग को रोका जाए स्थानीय लोगों को कहना है कि ऐसे अभ्यास का क्या फायदा पूर्व में भी 18 फरवरी को हुआ और होता रहता है जब वनों की आग पर नियंत्रण पाने में सिस्टम नाकाम साबित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना मॉकड्रिल नहीं धरातल पर काम करो।





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