देहरादून-राज्यसभा के लिए भाजपा ने दिनेश आर्य को बनाया उम्मीदवार, ABVP से मुख्यमंत्री जनसंपर्क अधिकारी सफर के बाद अब संसद की ओर बढ़ते कदम
देहरादून।।भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने उत्तराखंड की राज्यसभा सीट के लिए अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने नैनीताल के वरिष्ठ नेता और दर्जा राज्यमंत्री दिनेश आर्य को अपना उम्मीदवार बनाया है। इसके साथ ही पिछले कई दिनों से चल रही 24 नामों की अटकलों पर आज विराम लग गया उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को खत्म हो रहा है। इस सीट के लिए 16 अक्टूबर को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी। विधानसभा में भाजपा के 47 विधायकों के बहुमत के चलते दिनेश आर्य की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
दिनेश आर्य मूल रूप से जनपद नैनीताल के रहने वाले है और भाजपा के पुराने और जमीनी नेताओं में गिने जाते हैं।दिनेश आर्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में तृतीय वर्ष प्रशिक्षित हैं। राजनीति की शुरुआत उन्होंने 1985 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की और 1986-88 तक नैनीताल के जिला संयोजक रहे। बाद में 1988-91 तक भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे। 2007 से 2010 तक भाजपा नैनीताल के जिलाध्यक्ष रहे और भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली।दिनेश आर्य मुख्यमंत्री धामी के करीबी माने जाते है 2021 में जब पुष्कर सिंह धामी पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री बने तो दिनेश आर्य को उनका जनसंपर्क अधिकारी (PRO) बनाया गया। उसके बाद दिसंबर 2023 से वे उत्तराखंड राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष हैं, जिसे राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है।
राजनीतिक जानकारों की माने तो भाजपा ने इस चयन से एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है। दिनेश आर्य अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से आते हैं और उत्तराखंड में भाजपा के सबसे बड़े दलित चेहरों में से एक हैं।वर्तमान में दो राज्यसभा सांसद - कल्पना सैनी और महेंद्र भट्ट गढ़वाल क्षेत्र से हैं। ऐसे में कुमाऊं को प्रतिनिधित्व देने की मांग भी पूरी हुई और भाजपा ने जमीनी कार्यकर्ता को उच्च सदन भेजकर संगठन के कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने का भी काम किया है।




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