उत्तरकाशी -18 वर्षों से सड़क के डामरीकरण का इंतजार,मोटरमार्गों के निर्माण की अनदेखी पर ग्राम पंचायत ने लिया चुनाव बहिष्कार का फैसला,धरना प्रदर्शन की दी चेतावनी
उत्तरकाशी।।जनपद के डुंडा विकासखंड और यमुनोत्री विधानसभा के ग्राम पंचायत ओल्या के ग्रामीणों ने 18 वर्षों से सड़क के डामरीकरण ना होने और नए मोटर मार्गो के निर्माण के लिए शासन प्रशासन की अनदेखी पर ग्रामीणों ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का फैसला किया है। ग्राम प्रधान श्रीमती रेखा भट्ट की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मोटरमार्गों की समस्याओं को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।बैठक में ग्रामीणों ने स्यालना–कल्याणी मोटरमार्ग, डांग से ओल्या होते हुए मसून तक 18 वर्षों से डामरीकरण ना होने के जिसके कारण सड़क लगातार जर्जर होती जा रही है। जगह-जगह गड्ढों एवं खराब सड़क के कारण बीमार लोगों, महिलाओं,स्कूली बच्चों, किसानों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ पड़ता है।यहीं नहीं सड़क पर कई बार दुर्घटना भी हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के डामरीकरण और सड़क की मांग को लेकर गांव में 35 दिन तक धरना प्रदर्शन भी चला,कई बार विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को भी लिखित और मौखिक अवगत करवाया यहीं नहीं प्रशासन और लोक निर्माण विभाग उत्तरकाशी के चक्कर काट काटकर ग्रामीण परेशान हो गए लेकिन अभी तक कोई भी ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।
बैठक में ओल्या–बल्ला मोटरमार्ग के द्वितीय चरण की स्वीकृति लंबे समय से लंबित रहने तथा जखारी–बल्ला मोटरमार्ग से संबंधित मांग पर भी चर्चा की गई। ग्राम पंचायत ने शासन-प्रशासन से इन सभी मोटरमार्गों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। और आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का प्रस्ताव पारित किया ग्राम पंचायत ओल्या की बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से पारित किया ग्रामीणों का कहना है यदि शासन-प्रशासन द्वारा उक्त मोटरमार्गों के संबंध में शीघ्र ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही नहीं की जाती है, तो ग्राम पंचायत ओल्या के ग्रामीण आगामी विधानसभा चुनाव का पूर्ण रूप से बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे।
ग्राम पंचायत ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित सड़क की समस्या के समाधान और ग्रामीणों के सुरक्षित आवागमन के अधिकार को लेकर लिया गया है।ग्राम प्रधान एवं उपाध्यक्ष प्रधान संगठन उत्तरकाशी श्रीमती रेखा भट्ट ने कहा कि ग्रामीण पिछले कई वर्षों से इन मोटरमार्गों की समस्या को लेकर शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।उन्होंने कहा कि सड़क गांव के विकास की जीवनरेखा है। खराब सड़क के कारण ग्रामीणों को ग्राम पंचायत में होने वाले विकास कार्यों,अस्पताल, विद्यालय, अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने में भी परेशानी होती है।श्रीमती रेखा भट्ट ने कहा कि ग्राम पंचायत ओल्या अब केवल आश्वासन के भरोसे नहीं बैठेगी। यदि शासन-प्रशासन द्वारा इन मोटरमार्गों पर शीघ्र कार्यवाही नहीं की जाती है तो ग्राम पंचायत ओल्या ग्रामीणों के साथ धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।









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