उत्तरकाशी में आस्था का महासंगम-दूधगाड़ू 'फुलोई थौलू' मेले में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब - PiyushTimes.com | Uttarkashi News

ब्रेकिंग न्यूज़




Monday, August 24, 2026

उत्तरकाशी में आस्था का महासंगम-दूधगाड़ू 'फुलोई थौलू' मेले में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

उत्तरकाशी में आस्था का महासंगम-दूधगाड़ू 'फुलोई थौलू' मेले में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब





उत्तरकाशी।। देवभूमि उत्तराखंड की पौराणिक लोक परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत का दिव्य संगम जनपद उत्तरकाशी के बाड़ागड्डी क्षेत्र के मुस्टिकसौड़ में देखने को मिला। यहाँ क्षेत्राधिपति श्री हरि महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित ऐतिहासिक दूधगाड़ू 'फुलोई थौलू' मेले में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।मेले में पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण शामिल हुए। उन्होंने मेले में पहुंचकर क्षेत्र की समृद्ध लोक आस्था के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और श्री हरि महाराज, हुणेश्वर भगवान, नागराजा देवता एवं माता खंडद्वारी के दर्शन कर क्षेत्र तथा समस्त जनपदवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और लोककल्याण के लिए मंगलकामना की।



-:दुग्धाभिषेक और देव पुष्पों से विशेष पूजा बनी आकर्षण का केंद्र।।



बाड़ागड्डी क्षेत्र के मुस्टिकसौड़ में आयोजित पौराणिक मेले का मुख्य आकर्षण भगवान का दिव्य दुग्धाभिषेक और उच्च हिमालयी क्षेत्रों से श्रद्धापूर्वक लाए गए दुर्लभ देव पुष्पों ब्रह्मकमल, फेणकमल आदि से की गई विशेष पूजा-अर्चना रही। ढोल-दमाऊं और रणसिंघों की दिव्य ध्वनि के बीच जब देव डोलियों ने मेले में प्रवेश किया तो पूरा क्षेत्र 'हरि महाराज' के जयकारों से गूंज उठा।यह अनूठी परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जो देवभूमि की लोक संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। यह मेला आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।



-:पूर्व विधायक ने कहा - लोक परंपराओं का संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी।।



पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने कहा, "देवभूमि की पहचान केवल उसके हिमालय और प्राकृतिक सौंदर्य से नहीं है, बल्कि यहां की जीवंत लोक परंपराओं, देवी-देवताओं के प्रति अटूट आस्था और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत से भी है। ऐसी पौराणिक परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।उन्होंने भगवान हरि महाराज से क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। इस दौरान मेले में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, देव निशान वाहक, पश्वा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

No comments:

Post a Comment

Note: Only a member of this blog may post a comment.