उत्तरकाशी-जनपद के यमुनाघाटी में वनाग्नि की बढ़ती घटनाएं ,जंगल की आग बुझाने गए एक वन कर्मी की मौत
उत्तरकाशी।।जनपद के टोंस वन प्रभाग पुरोला के जंगल में लगी आग को बुझाने गये एक वनकर्मी की दर्दनाक मौत हो गई। वनकर्मी सोहन सिंह रावत टोंस वन प्रभाग पुरोला रेंज के ठंडुग बीट में वन बीट अधिकारी पद पर कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि सोहन सिंह रावत कल बुधवार को वनाग्नि नियंत्रित करने के लिए लीसा कूप कक्ष संख्या-2 के लीसा श्रमिकों के साथ मिलकर आग को नियंत्रित करने गए उसके आग को काबू करने बाद लगभग 7:00 बजे वन कर्मी अपने घर को निकल गए।लेकिन देर रात तक वन कर्मी जब घर नहीं पहुंचा तो परिवार द्वारा फोन किया गया लेकिन फोन नहीं लगा खोजबीन की गई रात्रि करीब 11:00 बजे वन विभाग श्रमिकों को सूचित किया गया तत्काल उप प्रभागीय वनाधिकारी, रेंज अधिकारी पुरोला की टीम एवं परिजन तथा ग्रामीण खोजबीन के लिए रवाना हुए।खोजबीन करने पर उक्त वन कर्मी पहाड़ी के नीचे सिरोडा खड्ड नामक तोक में मृत अवस्था में पाया गया। वही एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गई थी लेकिन वन बीट अधिकारी के परिजनों ने शव को अस्पताल ले जाने से इनकार कर दिया जिसके बाद पंचनामा भरकर शव को परिजनों के सुपुर्द किया गया।वहीं प्रभागीय वनाधिकारी डी पी बलूनी ने बताया कि सोहन सिंह रावत वन बीट अधिकारी वनाग्नि को नियंत्रित करने के बाद जब नीचे अपने घर को आ रहे थे तो पहाड़ी से पैर फिसलने पर गिरने के कारण उनकी ड्यूटी के दौरान दुःखद मृत्यु हुई है पूरा वन विभाग इस दुख की घड़ी में परिजनों के साथ खड़ा है।वहीं घटना के बाद पूरे यमुना घाटी क्षेत्र में शोक की लहर है सोहन सिंह की दुखद मृत्यु पर विधायक दुर्गेश्वर लाल सहित तमाम जन प्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वन कर्मी की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया।
जनपद के जंगल इन दिनों आग के आगोश में है, जनपद के यमुनाघाटी के अपर यमुना वन प्रभाग बड़कोट एवं टोंस वन प्रभाग सहित गोविंद वन्य जीव पशु विहार पुरोला और गंगा घाटी के धरासू रेंज अलग-अलग जगहों में जंगल की आग बेकाबू हो रखी है।बारिश होने बाद आग फिर भड़क रही है तस्वीर अपर यमुना वन प्रभाग के रवाई रेंज के अंतर्गत आने वाले बड़कोट स्थित चारधाम रजिस्ट्रेशन सेंटर के करीब दुबाटा के पास की, जो बड़कोट वन प्रभाग के मुख्य कार्यालय से महज 1 किलोमीटर की दूरी में स्थित है और यहां बेकाबू जंगल की आग और उससे उठने वाला धुआं साफ देखा जा सकता है, इसके अतिरिक्त मुगलसंती रेंज के भाटिया, कंसेरू, पौटी और पोल गावं के जंगलों में जंगल की आग का तांडव खूब देखा जा रहा है, जबकि धरासू रेंज के ब्रह्मखाल स्थित यमुनोत्री हाईवे के पास जंगल में लगी आग की लपटे खूब धधक रही है दिन के उजाले में धुंआ ही धुआं नजर आ रहा है जबकि रात के अंधेरे में यह तस्वीर अलग ही नजर आती है जिससे न केवल वनों की बहुमूल्य संपत्ति को नुकसान हो रहा है बल्कि जंगली जानवरों एवं पशु पक्षीयो के जीवन में भी संकट पैदा हो रहा है, अग्निश्मन दस्ता वाटर टेंकर की मदद से आग बुझाने की कोशिशो में जुटा है जबकि वन महकमा बिना आधुनिक उपकरणों के पेड़ों की टहनियों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है।फिलहाल कुछ स्थानों पर आग पर काबू पा लिया गया।






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