उत्तरकाशी-पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण अधूरी जल जीवन मिशन योजना से गांव में पानी की किल्लत,कई किलोमीटर दूर जल श्रोतों से पानी लाने मजबूर ग्रामीण, अनशन की दी चेतावनी - PiyushTimes.com | Uttarkashi News

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Saturday, February 15, 2025

उत्तरकाशी-पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण अधूरी जल जीवन मिशन योजना से गांव में पानी की किल्लत,कई किलोमीटर दूर जल श्रोतों से पानी लाने मजबूर ग्रामीण, अनशन की दी चेतावनी

उत्तरकाशी-पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण अधूरी जल जीवन मिशन योजना से गांव में पानी की किल्लत,कई किलोमीटर दूर जल श्रोतों से पानी लाने मजबूर ग्रामीण, अनशन की दी चेतावनी





उत्तरकाशी (चिन्यालीसौड़)।। उत्तराखंड के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी किसी से छिपी नहीं है। लेकिन जीवन की मूलभूत आवश्यकता पेयजल किल्लत से ग्रामीण लंबे समय जूझ रहे है। उत्तरकाशी जनपद  के चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के ग्राम गढ़वालगाड में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन  योजना का कार्य अधूरा पड़ा है। जिससे नावं, थौला, अदेली और डांगराहारी तोक के सैकड़ों ग्रामीण पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं।



-:जल जीवन मिशन की अधूरी पड़ी योजना से गांव में पानी की किल्लत



भारत सरकार और राज्य सरकार लगातार हर घर नल हर घर जल योजना के तहत प्रतीक घरों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का कार्य कर रही है लेकिन गढ़वालगाड में अधर में लटक गया जल जीवन मिशन योजना के कार्य एवं ठेकेदार की लापरवाही के कारण   अब तक ग्रामीणों के घरों में जलापूर्ति सुचारू नहीं हो पाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना को अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे कई तोकों के घरों के नल सूखे पड़े है और  ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर स्थित जलस्रोतों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। महिलाओं और बच्चों को इस समस्या से सबसे ज्यादा जूझना पड़ रहा है।क्योंकि रोजाना उन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों में जाकर पानी भरने में अपना कीमती समय और श्रम खर्च करना पड़ रहा है।



-:गांव के पूर्व प्रधान नेगी का बड़ा ऐलान 5 मार्च से प्रशासन को अनशन की दी चेतावनी



गांव के पूर्व प्रधान सूरत सिंह नेगी ने इस गंभीर समस्या पर प्रशासन और ठेकेदार की लापरवाही पर कड़ा रोष जताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द इस मामले  में कोई ठोस कदम नहीं उठाता, तो वे 5 मार्च से अनशन पर बैठेंगे।पूर्व प्रधान ने सवाल उठाया कि यदि जल जीवन मिशन योजना के लिए बजट स्वीकृत हो चुका था।तो फिर गांव में पानी क्यों नहीं पहुंचा? यदि इस योजना के सभी कार्य पूरे हो गए होते, तो ग्रामीणों को आज भी जल संकट से क्यों जूझना पड़ता गढ़वालगाड के ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस अधूरी योजना को पूरा करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।



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