उत्तरकाशी-चिन्यालीसौड़ प्रखंड के इस क्षेत्र में मोबाइल टावर तो है लेकिन 15 सालों मोबाइलों में सिग्नल नहीं शोपीस बना टावर ,108 सेवा को फोन करने के क्षेत्र के लोगों को जाना पड़ता जंगलों में
उत्तरकाशी(चिन्यालीसौड़)।।।जनपद के ब्लॉक चिन्यलीसौड़ के सुदूरवर्ती क्षेत्र बनाड़ी मे बी0 एस0 एन0 एल0 कम्पनी ने सन्न 2005-06 मोबाइल टावर तो लगा दिया था, मोबाइल टावर से 2 साल तक मोबाइल टावर अच्छी नेटवर्किंग रही।लेकिन 2006 के टावर की कनेक्टिविटी खराब रहने लगी 2016 मे तो बीएसएनएल कम्पनी ने यहां से टावर को चलाने वाली मशीन को ही हटा दिया जिस कारण टावर आज केवल सो पीस बनकर रह गया । जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को मोबाइल नेटवर्क की बहुत परेशानी हो रही है।
क्षेत्र के लोगों को अपने आगे सम्बन्धियों से बात करने के लिए दूर जंगल मे जाना पड़ता है। आपाको बता दे कि जब बी0 एस0 एन0 एल0 ने अपना मोबाइल टावर लगाया था तो लोगों की आस जगी थी अब उनके मोबाइल मे घर बैठे बात कर सकेंगे परन्तु यह सेवा मात्र 2 साल ही चल पायी। उसके बाद सम्बन्धित कम्पनी ने टावर पर लगी मशीन को खराब बताकर सही करने का बहाना बनाकर वहां से उठाकर ले गई थी तब से आज तक मोबाइल टावर सो पीस बना हुआ है।
क्षेत्र के लोगों ने इस समस्या के लिए कई बार क्षेत्रीय विधायक केदार सिंह रावत सहित जिला प्रशासन को भी अवगत करवाया। परन्तुं समस्या अभी भी जस की तस बन हुई है। कोरोना महामारी मे जहां अन्य क्षेत्रों के नौनिहालों ने आन लाइन पढाई की वहीं इस क्षेत्र मे इंटरनेट कनेक्टिविटी तो दूर की बात मोबाइल नेटवर्क से भी वंचित रहना पड़ा नौनिहालों को इंटरनेट की सुबिधा नहीं मिल पाई, यहां आनलाइन सेवा तो दूर परन्तु आपातकालीन स्थिति बीमार या दुर्घटना होने पर 108 सेवा को भी मोबाइल से फोन करने के लिए दूर जंगल मे जाना पड़ता है। गांव के राजेन्द्र सिहं पडियार, गजेन्द्र चमोली, बचन सिहं पंवार व ब्लाक चिन्यालीसौड़ की कनिष्ठ उप प्रमुख श्रिमती उर्मिला रांगड़ ने बताया कि ग्राम पंचायत गड़थ, बनाड़ी, दिवारीखौल, गडोली सिरा आदि गांवो मे मोबाइल नेटवर्क न होने से भारी परेशानी हो रही है। उन्हाने बताया कि यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मेकइन इंडिया का सपना साकार नहीं हो पाया है





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