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Saturday, August 29, 2026

उत्तरकाशी- NH से कटा 18 गांवों का संपर्क बड़ी लापरवाही बदहाली के आंसू रो रहा महत्वपूर्ण मोटरमार्ग,रस्सियों के सहारे जिंदगी

उत्तरकाशी- NH से कटा 18 गांवों का संपर्क बड़ी लापरवाही बदहाली के आंसू रो रहा महत्वपूर्ण मोटरमार्ग,रस्सियों के सहारे जिंदगी





उत्तरकाशी।। जनपद  के नौगांव ब्लॉक के गोडर क्षेत्र की लाइफलाइन कही जाने वाली 'सारी गाड़ से नौगांव-गोडर' मोटर मार्ग की हालत ने प्रशासन की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। नेशनल हाईवे निर्माण में लगी कंपनी की लापरवाही और प्रशासन की अनदेखी के चलते 18 गांवों को जोड़ने वाला यह एकमात्र मुख्य मार्ग हर तीसरे दिन बंद हो रहा है। 26 अगस्त से यह मार्ग पूरी तरह ठप पड़ा है।



-:रस्सियों के सहारे आजीविका बचाने की जंग


सड़क बंद होने के बाद जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वो बेहद चिंताजनक हैं। किसान अपनी नकदी फसल, सब्जियां और दूध को रस्सियों के सहारे खाई पार कर मुख्य सड़क तक पहुंचाने को मजबूर हैं। क्योंकि सड़क मार्ग के साथ साथ पैदल भी क्षतिग्रस्त हो रखे है स्थानीय ग्रामीण राजेश पंवार का कहना है कि मोटर मार्ग पूरी तरह बंद है। हमें अपनी सालभर की मेहनत को रस्सियों से लटका कर जैसे-तैसे रोड तक पहुंचाना पड़ रहा है। यह बेहद जोखिम भरा है। हमारी पूरी कमाई दांव पर लगी है। चुने हुए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को अब तो जागना चाहिए।26 अगस्त से ठप है मार्ग, खेतों में सड़ रही है फसलयह इस समय कैश क्रॉप का सीजन है। टमाटर, मटर और अन्य नकदी फसलों से खेत लदे पड़े हैं, लेकिन बाजार तक न पहुंचने से फसलें खेतों और लदे हुए वाहनों में ही सड़ रही हैं। हजारों की आबादी वाले 18 गांव - गोडर पट्टी के सभी गांव पूरी तरह अलग-थलग पड़ गए हैं। किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। बीमारों को अस्पताल ले जाना और बच्चों को स्कूल भेजना भी जंग बन गया है।


-:वादे हुए हवा-हवाई, स्थिति 'ढाक के तीन पात।।



ग्रामीणों के अनुसार, करीब एक महीना पहले जनप्रतिनिधियों के दबाव में जिलाधिकारी उत्तरकाशी और नेशनल हाईवे के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया था। तब आश्वासन दिया गया था कि एक महीने के भीतर इस मार्ग का एक मजबूत वैकल्पिक रास्ता बना दिया जाएगा।लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी धरातल पर स्थिति जस की तस है। वादे सिर्फ कागजों में रह गए। ग्रामीणों में प्रशासन के इस रवैये को लेकर भारी आक्रोश है।।



-:मंडरा रहा है बड़े हादसे का खतरा।।


यह मामला सिर्फ सड़क बंद होने का नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा का भी है। NH के मलबे और लगातार हो रहे भूस्खलन से पूरी पहाड़ी जर्जर हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मलबे के बीच से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा है और कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है।प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि या तो इस महत्वपूर्ण मोटर मार्ग को तत्काल युद्धस्तर पर खोला जाए, या फिर एक सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग का निर्माण तुरंत शुरू किया जाए, ताकि 18 गांवों की सालभर की मेहनत और जिंदगी बच सके।



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