उत्तरकाशी-32 लाख की लागत से बनी आरसीसी पुलिया भरभराकर गिर गई,निर्माणाधीन विभाग की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह
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उत्तरकाशी (मोरी)ब्यूरो।।जनपद के सुदूरवर्ती तहसील मोरी के अंतर्गत भिडाका तोक में शिया गाड पर दो महीने पहले करीब 32 लाख की लागत से बनी पैदल आरसीसी पुलिया भरभराकर गिर गई। गनीमत रहा कि उस समय पुलिया से कोई आवागमन नहीं कर रहा था, नहीं तो भ्रष्टाचार का दीमक जिंदगी पर भी भारी पड़ जाता।भारी भरकम कमीशन और घटिया गुणवत्ता के कारण भ्रष्ट तंत्र में यह सब जायज है। पुलिया ध्वस्त होने से हरकीदून पर्यटक स्थल सहित गोविंद पशु विहार क्षेत्र के चार गांवों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। पुलिया के क्षतिग्रस्त होते ही वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
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बताया जा रहा है कि रविवार को पुलिया बीच से टूटकर ध्वस्त हो गई।इससे हरकीदून पर्यटक स्थल सहित बंडासू पट्टी के ढाटमीर, गंगाड, पंवाणी व ओसला गांव का आवागमन ठप हो गया है। यहां शिया गाड खड्ड के भिडाका तोक में वन विभाग ने पुलिया का नव निर्माण किया था, जो पहली बरसात में ही बैठ गया है। ग्रामीण उमराव सिंह चौहान, राजेन्द्र सिंह चौहान, हरि सिंह रावत आदि ने बताया कि पुलिया के ध्वस्त होने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह से बन्द हो गया है।
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गोविंद वन्य जीव विहार राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र के उप निदेशक डीबी बलोनी ने बताया कि पुलिया की कुल लागत 32 लाख है। जिसकी प्रथम किस्त के रूप में 16.55 लाख का भुगतान कर दिया गया है। पुलिया की जांच के लिए रेंज अधिकारी को नियुक्त किया गया है। उप निदेशक ने बताया कि पुल में टेक्निकल फॉल्ट हो सकता है। जांच के बाद ही पता लगेगा। ग्रामीणों के आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। विभागीय अधिकारी भले ही कुछ भी दलीलें रखें, लेकिन 32 लाख की पुलिया का पहली बरसात में गिर जाना ही अपने आप में सिस्टम पर गंभीर प्रश्न चिह्न खड़े करता है।




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