उत्तरकाशी-शोरूम बना है हर्षिल घाटी का सेब कोल्ड स्टोर,सेब काश्तकारों ने शासन-प्रशासन को दी चेतावनी जल्द कोल्ड स्टोर का संचालन शुरू नहीं हुआ,तो सेब महोत्सव का करेंगे बहिष्कार नहीं भेजे जाएंगे हर्षिल घाटी के सेब - PiyushTimes.com | Uttarkashi News

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Tuesday, September 7, 2021

उत्तरकाशी-शोरूम बना है हर्षिल घाटी का सेब कोल्ड स्टोर,सेब काश्तकारों ने शासन-प्रशासन को दी चेतावनी जल्द कोल्ड स्टोर का संचालन शुरू नहीं हुआ,तो सेब महोत्सव का करेंगे बहिष्कार नहीं भेजे जाएंगे हर्षिल घाटी के सेब

 उत्तरकाशी-शोरूम बना है हर्षिल घाटी का सेब कोल्ड स्टोर,सेब काश्तकारों ने शासन-प्रशासन को दी चेतावनी जल्द कोल्ड स्टोर का संचालन शुरू नहीं हुआ,तो सेब महोत्सव का करेंगे बहिष्कार  नहीं भेजे जाएंगे हर्षिल घाटी  के सेब




उत्तरकाशी।।जनपद उत्तरकाशी की हर्षिल घाटी सेब उत्पादन के लिए काफी प्रसिद्ध है।सरकार की कथनी और करनी में अंतर है एक ओर सरकार ने हर्षिल के सेब को पहचान दिलाने के लिए उत्तराखंड  विधानसभा में हर्षिल घाटी  के सेब सभी सेब को बांटे, तो वहीं दूसरी और अब देहरादून में सेब महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन अपनी गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हर्षिल घाटी का सेब और इसकी सुरक्षा के लिए  बना एकमात्र कोल्ड स्टोर का संचालन भी ठप पड़ा हुआ है। जबकि घाटी में अब सेब तुड़ान का कार्य  शुरू हो  गया है। लेकिन सेब काश्तकारों के पास सेब को  रखने के लिए कहीं भी कोई  स्थान नहीं है। 





 हर्षिल घाटी के सेब काश्तकारों  ने सरकार को चेतावनी दी है अगर कोल्ड स्टोर का संचालन जल्द शुरू नहीं होता है तो सेब महोत्सव का बहिष्कार किया जाएगा और सेब महोत्सव में हर्षिल के सेब नहीं भेजे जाएंगे।  हर्षिल घाटी के सेब काश्तकारों का कहना है कि वर्ष 2020 के बाद से घाटी के सेब काश्तकारों के लिए 8 करोड़ की लागत से बना कोल्ड स्टोर का संचालन बन्द पड़ा हुआ है। काश्तकारों का कहना है कि अब हर्षिल घाटी में सेब के उत्पादन की तुड़ान शुरू हो गया है। लेकिन कोल्ड स्टोर संचालन बन्द होने के कारण अब काश्तकारों के पास सेब रखने के लिए स्थान नहीं मिल पा रहा है और काश्तकारों को सेब खराब होने का डर सता रहा है। हर्षिल घाटी के सेब काश्तकारों का कहना है कि सरकार फाइलों में ही हर्षिल के सेब की पहचान दिलाने की बात कर रही है। वहीं देखा जाए तो  धरातल पर कोई सुविधा नहीं हैं। हर्षिल के सेब काश्तकारों का कहना है कि अगर ऐसी स्थिति बनी रहती है और कोल्ड स्टोर का संचालन जल्द शुरू नहीं होता है। तो आगामी सेब महोत्सव में भी हर्षिल के सेब नहीं भेजे जाएंगे। इतना ही नहीं। बता दें कि उत्तरकाशी जनपद में आराकोट, हर्षिल और नौगांव घाटी करीब 20 हजार मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है। जिसमें से हर्षिल घाटी में करीब 5 हजार मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है। तो वहीं हर्षिल घाटी का सेब अपनी उच्च गुणवत्ता के लिए देश की मंडियों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।

    


वहीं उद्यान विभाग का कहना है कि विभाग के पास कोल्ड स्टोर के संचालन के लिएविशेषज्ञ नहीं है।इसलिए इसके संचालन में देरी हो रही है पहले कोल्ड स्टोर संचालन की ब्यवस्था मंडी के पास थी। लेकिन अब पुनः कोल्ड स्टोर विभाग के पास आ गया है।कोल्ड स्टोर का विधुत कनक्शन भी कटा हुआ है।बड़ी बात सेब निकलने शुरू हो गए है।और जिला प्रशासन की पूर्व में कोई तैयारी नहीं कि कैसे  होगा सेब कोल्ड स्टोर का संचालन?


रिपोर्ट-हेमकान्त नौटियाल

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