Big breaking-उत्तराखंड भाजपा में बड़ा फेरबदल,राम माधव को मिली प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी दुष्यंत गौतम की छुट्टी
देहरादून।। उत्तराखंड में भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में बड़ा बदलाव किया है। बुधवार को जारी आदेश में भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम की जगह वरिष्ठ नेता राम माधव को उत्तराखंड का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है।वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राम माधव एवं सह प्रभारियों को उत्तराखंड राज्य का प्रभारी एवं सह प्रभारी बनने पर बधाई दी और सीएम ने कहा कि राम माधव जी के संघठन के लंबे अनुभव एवं पार्टी कार्यों में योगदान का उत्तराखंड भाजपा को लाभ मिलेगा।
-:भाजपा उत्तराखंड के प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम की छुट्टी, दो नए सह प्रभारी।।
उत्तराखंड में भाजपा ने सह प्रभारियों में भी बदलाव किया है। अरविंद मेनन और सांसद बांसुरी स्वराज को प्रदेश का सह प्रभारी बनाया गया है। इससे पहले सह प्रभारी की जिम्मेदारी रेखा वर्मा संभाल रही थीं। नई सूची में दुष्यंत गौतम को उत्तराखंड के लिए कोई नई जिम्मेदारी नहीं दी गई है। वे करीब छह साल तक प्रदेश प्रभारी रहे थे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की ओर से जारी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की नई सूची में ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू की गई हैं। राम माधव के पास उत्तराखंड के साथ तमिलनाडु की जिम्मेदारी भी रहेगी।
-:कौन हैं राम माधव?
राम माधव भाजपा के वरिष्ठ संगठनकर्ता माने जाते हैं। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से लंबे समय जुड़े रहे हैं और 2014 में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए थे। जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में संगठन विस्तार में उनकी अहम भूमिका रही है। सितंबर 2020 में उन्हें महासचिव पद से हटाया गया था और अगस्त 2026 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया।
-:उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की कसरत।।
राज्य में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब उत्तराखंड भाजपा पहले ही 2027 की तैयारी को बूथ स्तर तक ले जाने में जुटी है। जुलाई में पार्टी ने 15 प्रमुख विभागों में संयोजक-सह संयोजक और अगस्त में 19 संगठनात्मक जिलों के प्रभारी घोषित किए थे।नई टीम के सामने पहाड़-मैदान के अलग-अलग राजनीतिक समीकरणों में संतुलन, सरकार-संगठन के बीच बेहतर समन्वय और बूथ सशक्तीकरण को गति देना प्रमुख चुनौती होगी। अरविंद मेनन के संगठनात्मक अनुभव और बांसुरी स्वराज के युवा चेहरे के जरिए पार्टी बूथ से लेकर चुनावी प्रबंधन तक को मजबूत करने की रणनीति पर काम करेगी।








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