उत्तरकाशी-जनपद का पर्यटन स्थल खतरे की जद में, वायरक्रिएट से सुरक्षा संभव नहीं,समय रहते नहीं हुए सुरक्षा के पुख्ता कार्य

उत्तरकाशी।।जनपद का विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हर्षिल आज खतरे की जद में है क्योंकि लगातार भगीरथी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।हर्षिल के ग्रामीणों का कहना कि सुरक्षा में लगे 7- 8 मजदूर वायरक्रिएट नदी में लगाते है लेकिन शाम को वायरक्रिएट बह जाते है। आखिर ये कैसी सुरक्षा है?। इसलिए हर्षिल के ग्रामीण काफी भयभीत है क्योंकि इन्होंने ने धराली की आपदा को देखा है..अब हर्षिल के ग्रामीणों को लग रहा कि बरसात के बाद हालात कुछ अलग ना हो,और बड़ी आपदा दस्तक न दें।।




वहीं ग्रामीणों को कहना कि धराली आपदा दैवीय थी, यदि हर्षिल को नुकसान हुआ तो मानव रहित आपदा होगी,क्योंकि समय रहते शासन प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।ग्रामीणों का कहना कि शासन प्रशासन के पास 11 माह का पर्याप्त समय बचा था। लेकिन सुरक्षा नहीं की गई अब हर्षिल पूरी तरीके से खतरे की जद में है।वही आज अपर जिलाधिकारी ने हर्षिल क्षेत्र का दौरा किया और बाढ़ सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण किया लेकिन ग्रामीणों का सवाल वही कि अभी बरसात की शुरुआत हुई है अत्यधिक बरसात होने पर क्या होगा पर्यटन स्थल का?।।

वहीं जिला कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष प्रदीप रावत और कार्यकर्ता हर्षिल पहुंचे और शासन प्रशासन की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े किए और चिंता जाहिर की हर्षिल जैसा विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आज खतरे की जद में है। उन्होंने कहा कि धराली आपदा आए 11 माह का समय पूर्ण हो चुका है लेकिन हर्षिल को बचाने के लिए शासन प्रशासन ने कोई भी सटीक कार्य नहीं किए कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष ने कहा कि हर्षिल सुरक्षात्मक कार्य जनप्रतिनिधियों के अपनात्व के भेंट चढ़े और आज हर्षिल क्षेत्र के ग्रामीण डर के साए में जीने को मजबूर है और ग्रामीणों का कहना कि हर्षिल खतरे के मुहाने पर है।और नदी का जलस्तर बढ़ने पर हम लोग रात जागकर काट रहे है।

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