उत्तरकाशी-हर्षिल पर मंडराया खतरा,समय रहते नहीं हुए सुरक्षा के पुख़्ता इंतजाम,कई भवन खतरे की जद में,कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल
उत्तरकाशी।।जनपद के पर्यटन स्थल हर्षिल पर खतरा मंडराना शुरू हो गया है।पिछले साल अगस्त माह में धराली आपदा आने से हर्षिल में झील बन गई थी और पूरा हर्षिल खतरे की जद में आ गया था।सरकार की तरफ से सुरक्षात्मक कार्यों के लिए करीब 10 करोड़ रिलीज किए गए थे लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिधियों के दबाव एवं अपने चेहतों को ठेका के चक्कर के कार्यों में देरी के कारण हर्षिल में सुरक्षा कार्य सही समय पर नहीं हुए और अब हर्षिल पर खतरा मंडरा रहा है।अभी दो तीन रोज पूर्व हर्षिल में भागीरथी नदी एवं पकौड़ा, और तेल गाड़ का जलस्तर बढ़ गया जिससे लोगों में भय का माहौल बन हुआ है।और लोग रात भर सुरक्षित जगहों की तलाश कर रहे है तथा नदी के तेज बहाव की और देख रहे कि कहीं कोई बड़ा खतरा तो नहीं हर्षिल क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पूरा हर्षिल क्षेत्र खतरे की जद में है और लोगों के अंदर भय का माहौल है।
हर्षिल के लोगों का कहना है कि समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए और अब बरसात आने वाली है। भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ेगा और पास ही पकौड़ा और तेल गाड़ का भी जल स्तर बढ़ेगा जिससे हर्षिल पर खतरा मंडरा सकता है।वहीं तस्वीरों में साफ देख सकते हैं कि हर्षिल में गढ़वाल मंडल विकास निगम सहित कई भवन खतरे की जद में है और बिल्कुल नदी की मुहाने पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी चैनेलाइज का कार्य काफी समय पहले पूर्ण हो चुका था। लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा बाढ़ सुरक्षा कार्यों की गति काफी धीमी है। अब समय काफी कम है और बरसात होने पर नदी का जलस्तर बढ़ेगा जिससे पूरे हर्षिल क्षेत्र को खतरा बना हुआ है।हर्षिल क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जो बाढ़ सुरक्षा कार्य एक दो रोज पूर्व शुरू हुए उनकी गुणवत्ता इतनी खराब है कि ठेकेदारों के द्वारा बड़े-बड़े पत्थर सुरक्षा दीवारों में भरे जा रहे हैं।इतने महत्वपूर्ण कार्य में कैसे होगी सुरक्षा ?जब गुणवत्ता खराब।
हर्षिल क्षेत्र सहित आसपास ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की और हर्षिल की वर्तमान स्थिति को जिलाधिकारी के समक्ष रखा सभी ने जिलाधिकारी को बताया कि पिछले एक माह से हर्षिल क्षेत्र में कोई भी सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए जा रहे हैं जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई समस्या की गम्भीरता को देखते जिलाधिकारी ने लोगों को आश्वास्त किया कि मैं कल हर्षिल क्षेत्र में सुरक्षात्मक कार्यों का निरीक्षण करूंगा, वहीं अब देखना होगा की हर्षिल को बचाने के लिए जिला प्रशासन क्या कुछ कदम उठाता है।








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