उत्तरकाशी- वन अग्नि की घटनाओं को रोकने में ग्राम पंचायतों की होती है अहम भूमिका इस फायर सीजन में जिन ग्राम पंचायतों में वन अग्नि की घटनाएं शून्य होगी उन ग्राम पंचायतों को किया जाएगा पुरस्कृत
उत्तरकाशी।। जनपद में फायर सीजन शुरू होने पर वन अग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। वन विभाग के बाडाहाट रेंज, मुखेम रेंज डुंडा रेंज,धरासू रेंज सहित यमुना घाटी के जंगलों में आग की घटनाएं निरंतर बढ़ रही है। हालांकि वन विभाग का कहना है। सभी वन रेंजर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही ग्राम प्रधानों को वन विभाग की तरफ से यह भी कहा गया है। यदि किसी ग्राम पंचायत में इस वर्ष वन अग्नि की घटना नहीं होती है। तो उस ग्रामसभा को पुरस्कृत किया जाएगा और जिस ग्राम सभा में वन अग्नि की घटना होगी उस ग्राम सभा को वन विभाग की तरफ से दिए जाने वाले हक-हकूकों में कटौती की जाएगी।
वन रेंज अधिकारी बाडाहाट रविन्द्र पुंडीर और मुखेम रेंज अधिकारी प्रदीप बिष्ट का कहना है कि वर्तमान फायर सीजन 2022 के लिए 136 क्रू-स्टेशनों में नियुक्त किए गए फायर कर्मी और क्रू स्टेशनों के स्टाफ के द्वारा प्लांटेशन,लीसा कूप, फायर लाइन और जंगलों के पैदल रूटों में फायरडील के माध्यम से पिरूल की साफ सफाई का कार्य किया जा रहा है।अभी अप्रैल और मई में जब जंगलों में अत्यधिक मात्रा में पिरूल गिरता तो उस समय वन अग्नि की घटनाएं ज्यादा बढ़ जाती है इसी को रोकने के लिए कार्य किए जा रहे हैं।
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