उत्तरकाशी।।उत्तरकाशी जल संस्थान पर ये वाक्य सही नहीं बैठता कि जल संचय,जीवन संचय ,ये हम इसलिये कह रहे कि ,उत्तरकाशी के नजदीक नगरपालिका क्षेत्र में जल संस्थान के टैंकों से पिछले कुछ दिनों से पानी यूं ही बर्बाद हो रहा है जनपद में कहीं क्षेत्र ऐसे है जहाँ पानी की हाहाकार मची है तो कहीं पानी यूं ही बर्बाद हो रहा है ,
बता दें कि एम डी एस स्कूल के नीचे तिलोथ बैंड के पास जल संस्थान का पानी स्टोरेज के लिए टैंक बना है ,लेकिन लंबे समय से इस टैंक से पानी बर्बाद हो रहा है ऐसा नहीं इसी सड़क मार्ग से विभाग के अधिकारी, कर्मचारी गुजरते है ,लेकिन बड़ी लापरवाही किसी की नजर इस पर नही जाती ,पानी यूं ही बर्बाद हो रहा है ,इससे ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि उत्तरकाशी में जल संस्थान के पास पानी पर्याप्त मात्रा में है इसलिये अगर पानी बर्बाद भी होता तो कुछ फर्क नहीं पड़ता
जबकि विभाग प्रति वर्ष ,टैंकों की मरामत ,साफ सफाई पर लाखों खर्च करता पर फिर भी विभाग के ये हाल है
वहीं राज्य सरकार और केंद्र सरकार ,लगातार लोगों को जागरूक भी करती है पानी को बचाओ,इतना ही नहीं ,जल संस्थान के बिलों पर भी लिखा होता है कि जल संचय,जीवन संचय लेकिन ब्यर्थ ,जबकि जल संस्थान विभाग स्वयं पानी बर्बाद कर रहा है


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