उत्तरकाशी-मां को बेटी के सकुशल लौटने का इंतजार आंखों से छलक रहे आंसू,लापता बबीता का 5 वें दिन भी नहीं मिला कोई सुराग,सर्च अभियान जारी
उत्तरकाशी ।।जनपद के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दयारा बुग्याल से बबीता पाण्डेय को लापता हुए आज पांचवा दिन है। लेकिन खोजबीन टीमों के हाथ अभी भी खाली है इस बीच बबीता पाण्डेय के परिजन पर्यटन स्थल रेथल गांव में मौजूद है। और यह उम्मीद लग रहे हैं की बबीता सकुशल लौट आएगी वहीं बबीता पाण्डेय की मां अंजू पाण्डेय को उम्मीद है कि उसकी बेटी सकुशल आएगी और इसी उम्मीद के साथ अंजू पाण्डेय रामनगर से रेथल गांव में आई और वहीं पर मौजूद है। अंजू पाण्डेय दयारा ट्रैक पर आने जाने वाले हर ग्रामीण और टीम सदस्यों से अपनी बेटी के लिए पूछ रही है। कि बबीता का कुछ पता चला लेकिन अपनी बेटी के लिए अंजू पाण्डेय के आंखों में आंसू और मन में पीड़ा है। क्योंकि एक मां ही बच्चों का दर्द समझ सकती है। अंजू पाण्डेय का कहना है कि बबीता एमबीए की छात्रा है और उनकी बात अपनी बेटी से 28 मई को फोन पर हुई थी तब बबीता ने बताया की मां यहां पर बारिश हो रही है मैं जल्द ही वापस आऊंगी उसके बाद बबीता का मोबाइल ही नहीं लगा और फिर अंजू पाण्डेय के पास सूचना मिली कि उनकी बेटी लापता हो गई।बबीता के परिजनों का कहना कि बबीता को ट्रैकिंग बड़ा शोक था।
अंजू पाण्डेय को अब अपनी बेटी के सकुशल आने का इंतजार है।और अंजू पाण्डेय ने अपनी बेटी की कुशलता के लिए स्थानीय देवी देवताओं से भी पूछताछ की तो अंजू पाण्डेय ने कहा कि देवताओं का कहना है कि लापता बबीता पाण्डेय सकुशल है और बबीता पाण्डेय स्वयं फोन करेगी अब सिर्फ कयास ही लगाए जा रहे हैं बाकी जैसे-जैसे समय गुजर रहा है रहस्यमही गुमसुदगी पर सवाल उठ रहे हैं। कि आखिर बबीता पाण्डेय कहां गई? और यह गुत्थी कब सुलझेगी अभी भी प्रश्न बना हुआ है।लेकिन लगातार पिछले चार-पांच दिनों से जिला प्रशासन,पुलिस प्रशासन और सर्च टीमें लापता बबीता की तलाश में जुटी हुई है।




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