उत्तरकाशी-एवलॉन्च की चपेट में आने से एवरेस्ट विजेता पर्वतारोही सविता कंसवाल की मौत से हर कोई दुखी,सविता ने 12 मई को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी मांउट एवरेस्ट पर फहराया था तिरंगा
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उत्तरकाशी।। (ब्यूरो)द्रोपदी का डांडा-2 में आये एवलॉन्च में जनपद की उभरती हुई पर्वतारोही सविता कंसवाल को खो दिया है। एवरेस्ट विजेता सविता कंसवाल की एवलॉन्च हादसे में मौत हो गई है।सविता कंसवाल नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी में हाल ही में प्रशिक्षक पद पर तैनात हुई थी। 23 सितंबर को सविता कांसवाल नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्रशिक्षणार्थियों के साथ एडवांस और बेसिक कोर्स के लिए प्रशिक्षण देने के लिए द्रोपदी का डांडा-2 के लिए रवाना हुई थी एडवांस कोर्स में सविता कंसवाल 34 प्रशिक्षणार्थियों के साथ द्रोपदी का डांडा-2 से कोर्स समिट कर वापस लौट रही थी कि अचानक बर्फीला तूफान आया और जिसकी चपेट में पर्वतारोही सविता कंसवाल भी आई और इस घटना में सविता की मृत्यु हो गई। इसी साल 12 मई को सविता ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) पर तिरंगा फहराया था।सविता ने इसी साल मई माह में 15 दिन के अंदर एवरेस्ट और माउंट मकालू पर्वतों पर सफल आरोहण कर नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम किया था। सविता कंसवाल की मृत्यु से जनपद में शोक की लहर है तो वही सविता कंसवाल के परिजन और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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सीमांत ब्लॉक भटवाड़ी में द्रौपदी का डांडा -2 पर्वत चोटी के पास मंगलवार सुबह भारी हिमस्खलन हुआ था। जिसमें अभी तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 27 लोग अभी भी बर्फीले तूफान में लापता है जबकि 14 घायलों को मातली आइटीबीपी अस्पताल और जिला अस्पताल उत्तरकाशी में उपचार दिया जा रहा है। बचाव और राहत कार्यों के लिए SDRF,NDRF ,आर्मी ,आईटीबीपी,आपदा विभाग सहित IAF ने 2 चीता हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। रेस्क्यू कार्य जारी है।
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