उत्तरकाशी -कोरोना काल में 2022 के रणबांकुरों को नहीं है कोरोना का कोई भय ,भीड़ जुटाकर धज्जियां उड़ रही है कायदे कानून की
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उत्तरकाशी ।।।कहीं जनपद में कोरोना वायरस बेकाबू तो नहीं हुआ ? ऐसा लोग कहते है ,कि अब समुदाय में फेल गया कोरोना जिसको काबू करना मुश्किल।।जिस प्रकार आजकल ग्रमीण क्षेत्रों में बिना नियम के हजारों की संख्या में नेताओं के द्वारा भीड़ जुटाई जा रही है ,न मास्क का प्रयोग और सामाजिक दूरी तो क्या? जबकि जनपद में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है
हमारी पहाड़ों की संस्कृति हमारे थोलु-मेले है लेकिन अभी कोरोना के कारण ज्यादा भीड़ पर मनाई है ,हमारे देवी देवताओं के मेलों को ,ग्रमीण अपने स्तर पर भी संम्पन कर सकतेहै लेकिन रणबांकुरों को 2022 फतह जो करना है ,आज प्रदेश में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे है ,और यदि संक्रमण ग्रमीण क्षेत्र में फैला तो इसको काबू करना मुश्किल हो जाएगा
:विकास भवन में ,जिला पंचायत, जोशियाड़ा कॉन्टिनेंटल कालोनी,कलक्ट्रेट में भी कर्मचारी संक्रमित ,इतना ही नहीं अब ग्रमीण क्षेत्रों में भी लोग कोरोना संक्रमित हो रहे है।।क्या भटवाड़ी ब्लॉक क्या मोरी सभी जगहों से कोरोना के मरीज मिल रहे है
अब ग्रमीण क्षेत्रों में भी सताने लगा कोरोना का डर ,भय को दरकिनार कर ,भीड़ एकत्रित करने में जुटे है 2022 के रणबांकुरें भीड़ में न शोशल डिस्टेंस का पालन ,न मास्क का प्रयोग ,जिले का सुपर पावर भी बना , मौन*।। आखिर क्यों ?
-:माना कि अब लोगों की सेम्पलिंग ज्यादा हो रही हों तो स्वभाविक है की कोरोना पॉजिटिव केस भी ज्यादा ही आएंगे।।
-:लेकिन जो लोग कोरोना पॉजिटिव हो रहे है वे किस के संपर्क से पॉजिटिव हुए ,न तो पॉजिटिव हुए कोरोना मरीज बता सकते और न इसका पता अब स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन लगा सकता है।।
क्योंकि यही समुदाय संक्रमण होता है ,जब मरीज कैसे संक्रमित हुआ इसका पता न चले



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