उत्तरकाशी-जिलाधिकारी ने एआरटीओ कार्यालय का किया औचक निरीक्षण,अव्यवस्थाओं पर लगाई फटकार, बिचौलिया या कर्मचारी अवैध वसूली में लिप्त पाया जाता तो होगी कठोर कार्रवाई
-:निर्माणधीन भवन और ऑटोमेटेड टेस्ट ट्रैक का निर्माण कार्य बंद मिलने पर जिलाधिकारी ने लगाई फटकार
-:चालान भुगतान में आ रही समस्या का मौके पर ही कराया निस्तारण
उत्तरकाशी।।जनपद में मनेरा में स्थित उप संभागीय परिवहन विभाग में सोमवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कार्यालय का औचक निरीक्षण किया डी एम ने विभिन्न अधिष्ठानों की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया इस दौरान कार्यालय में गंदगी मिलने एवं फाइलों के रखरखाव में लापरवाही और उपस्थिति पंजिका में मिली खामियों पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।जिलाधिकारी ने एआरटीओ कार्यालय के नवीन निर्माणाधीन भवन और ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक परिसर पहुंचकर चल रहे कार्यो की प्रगति की समीक्षा की तथा निर्माण कार्य पूरी तरह बंद मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। करोड़ों की लागत से बन रहे प्रोजेक्ट में शिथिलता देख डीएम ने आरआई को कड़ी फटकार लगाई। जिलाधिकारी ने तकनीकी कार्यों के संचालन में हो रही देरी और अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए रिपोर्ट तलब की और चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से सुचारू नहीं हुआ तो इसके लिए सम्बंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जायेगी। साथ ही निर्माण कार्य में गुणवत्ता को देखते हुए इसका थर्ड पार्ट्री ओडिट कराने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और अन्य कार्यों के लिए आए लोगों के साथ सीधे बात करके विभिन्न सेवाओं के लिए जा रहे शुल्क की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी अधिकारी और कर्मचारी तय शुल्क से अधिक धन लेता या मांग करता है तो तत्काल अवगत करायें। यदि कोई बिचौलिया या कर्मचारी अवैध वसूली में लिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
इस दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सुवर्णा नौटियाल कार्यालय में उपस्थित न मिलने पर जिलाधिकारी ने फोन कर कार्यालय में उपस्थित न होने का कारण जाना जिस पर संबंधित अधिकारी द्वारा शासकीय कार्य से देहरादून होना बताया गया।जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने चालान भरने में आ रही समस्या से परेशान एक नागरिक के मामले का संज्ञान लेते हुए मौके पर ही संबंधित पटल के कर्मचारी को निर्देशित किया और अधिकारी की मौजूदगी में ही उस समस्या का त्वरित निस्तारण कराया। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि एआरटीओ कार्यालय जनता से सीधे जुड़ा विभाग है यहाँ कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता अनिवार्य है।आज के निर्देशों पर भविष्य में सुधार न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।






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