उत्तरकाशी ब्रेकिंग-एवलांच हादसे में अब तक 4 शव बरामद,हेली से भेजा गया राशन और अन्य सामान,लापता 4 लोगों की तलाश जारी
उत्तरकाशी।।जनपद के केदारताल ट्रैक में चल रहे सर्चिंग एवं रेस्क्यू अभियान को आज बुधवार को और तेज किया गया 02 शव और बरामद हुए हैं। इसके साथ ही अब तक एवलांच हादसे में मारने वालों की संख्या 04 हो गई है शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाया गया है, जहां पर शिनाख्त और पोस्टमार्टम कार्यवाही गतिमान है।वहीं शेष 04 लापता लोगों की तलाश सर्च टीमों द्वारा लगातार जारी है।दुर्गम और उच्च हिमालयी क्षेत्र में तैनात सर्च टीम तक समय पर मदद पहुंचे इसके लिए जिला प्रशासन ने मातली हेलीपैड से हेलीकॉप्टर के माध्यम से जरूरी सामग्री केदारताल भेजी है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर जिला प्रशासन लगातार अभियान की मॉनिटरिंग कर रहा है।इस अभियान में जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ, पूर्ति विभाग और आईटीबीपी की टीमें संयुक्त रूप से कार्य कर रही हैं। मातली हेलीपैड पर सुबह से ही संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी जुटे रहे। राशन, जरूरी उपकरण और अन्य सामग्री को पैक कर हेलीकॉप्टर से केदारताल क्षेत्र में भेजा गया, ताकि ऊंचाई पर मौजूद टीम को किसी तरह की दिक्कत न हो।वहीं मास्टर ट्रेनर मस्तान भंडारी की तत्परता से लगातार रेस्क्यू की अपडेट मिल रही है।
-:उत्तरप्रदेश की दो सगी बहनें भी एवलांच हादसे की हुई शिकार,भाई ने लगाए ट्रैकिंग एजेंसी पर आरोप।।
केदार ताल ट्रैकिंग पर गई उत्तर प्रदेश की दो सगी बहनें दीपिका और वर्तिका वर्मा के भाई अतुल वर्मा ने ट्रैकिंग एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।ट्रैकिंग दल में दो महिलाएं थी इसलिए ट्रैकिंग एजेंसी को एक पुरुष गाइड के साथ एक महिला गाइड को भी साथ ले जाना चाहिए था साथ ही अतुल वर्मा का कहना है कि ट्रैकिंग एजेंसी द्वारा कोई हेल्प नहीं की जा रही है, जो भी कार्य किया जा रहा है वह जिला प्रशासन के माध्यम से हो रहा है। वहीं अतुल वर्मा ने बताया कि ट्रैकिंग एजेंसी ने परिजनों को समय पर सूचना भी नहीं दी।अतुल वर्मा ने बताया कि हमें सोशल मीडिया के माध्यम सूचना मिली फिर उत्तरकाशी आए परिजनों में इस बात को लेकर आक्रोश है।वहीं स्थानीय लोगों और पर्यावरण की जानकारों का कहना है कि केदारताल सहित हाई एटीट्यूड हिमालय क्षेत्र में मौसम की जानकारी लेकर ही पर्वतारोहियों को भेजना चाहिए। अत्यधिक बर्फबारी होने और लगातार भूकंप आने से ग्लेशियर नीचे खिसक रहे हैं।जानकारों का कहना है कि भविष्य में शासन-प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। नहीं तो इस प्रकार की घटनाएं होती रहेंगी।




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